आज है आमलकी एकादशी, इस व्रत से मिलता है एक हजार गोदान बराबर पुण्य

 नई दिल्ली 
पौराणिक मान्यता अनुसार आमलकी एकादशी का महत्व विष्णु भक्तो के लिए विशेष है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही जो कोई भी सच्चे मन से आमलकी एकादशी का व्रत करता है उसे एक हजार गोदान के फल के बराबर पुण्य मिलता है।

आमलकी एकादशी कब है
हिन्दू पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी फाल्गुन माह के कृष्ण‍ शुक्लन पक्ष को आती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह हर साल फरवरी या मार्च महीने में मनाई जाती है। इस बार आमलकी एकादशी 6 मार्च को है।

आमलकी एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त 
आमलकी एकादशी की तिथि: 6 मार्च 2020
एकादशी तिथि प्रारंभ: 5 मार्च 2020 को दोपहर 1 बजकर 18 मिनट से 
एकादशी तिथि समाप्त: 6 मार्च 2020 को सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक
पारण का समय: 7 मार्च 2020 को सुबह 6 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 1 मिनट तक

आमलकी एकादशी का महत्व
आमलकी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। आमलकी यानी कि आंवला। मान्यता है कि श्री हरि विष्णु ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया, उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इसके हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है। मान्यता है कि आमलकी एकादशी के दिन आंवला और श्री हरि विष्णु् की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि जो लोग स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनको आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। कहते हैं कि आंवला भगवान विष्णु का प्रिय फल है। आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है।

Noman Khan
Author: Noman Khan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

What does "money" mean to you?
  • Add your answer
[adsforwp id="60"]
error: Content is protected !!